सोमवार शाम दिल्ली के लाल किले के पास एक चलती हुई Hyundai i20 कार में हुए जोरदार धमाके ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। इस विस्फोट में कम से कम 8 लोगों की मौत हो गई, जबकि 20 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।

धमाका किस कार में हुआ और किसके नाम से रजिस्टर थी?
अधिकारियों के अनुसार, धमाका जिस गाड़ी में हुआ वह Hyundai i20 थी, जिसका हरियाणा रजिस्ट्रेशन नंबर था। इस कार के रजिस्टर्ड मालिक सलमान को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
जांच में यह भी पता चला है कि यह कार कई बार खरीदी-बेची गई थी और हाल ही में इसे कश्मीर के पुलवामा निवासी तारिक नामक व्यक्ति को बेचा गया था। बताया जा रहा है कि फर्जी दस्तावेजों के जरिए यह डील की गई थी।
जांच में क्या सामने आया?
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (NSA) ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। धमाके के बाद दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और हैदराबाद समेत कई शहरों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि घटना की हर एंगल से जांच की जा रही है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
हादसे के वक्त क्या हुआ था?
दिल्ली पुलिस कमिश्नर सतीश गोलचा ने बताया कि शाम 6:52 बजे एक धीमी गति से चल रही कार सिग्नल पर रुकी और उसी वक्त धमाका हो गया। धमाके की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि आसपास की गाड़ियों के शीशे चकनाचूर हो गए और कई राहगीर घायल हो गए।
प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर गहरा शोक जताया और मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वे गृह मंत्री अमित शाह और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हालात की समीक्षा कर रहे हैं और घायलों को हर संभव मदद दी जा रही है।
दिल्ली में पहले भी था अलर्ट
धमाके से कुछ घंटे पहले ही पुलिस ने फरीदाबाद से 2,900 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट बरामद किया था, जो विस्फोटक बनाने में इस्तेमाल होता है। हालांकि अधिकारियों ने साफ किया है कि लाल किला ब्लास्ट का उस बरामदगी से कोई सीधा संबंध नहीं है।
चश्मदीदों ने क्या बताया?
चश्मदीदों के अनुसार, धमाका इतना तेज था कि आसपास लगे स्ट्रीट लाइट पोल हिल गए और कई लोग गिर पड़े। इलाके में धुआं फैल गया और लोगों में अफरातफरी मच गई। पुलिस और फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं और राहत कार्य शुरू किया गया।
निष्कर्ष
लाल किले के पास हुआ यह धमाका दिल्ली की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करता है। फिलहाल NIA और NSA की टीमें हर एंगल से जांच कर रही हैं। यह स्पष्ट नहीं है कि धमाके के पीछे तकनीकी खराबी, आतंकी साजिश या विस्फोटक सामग्री थी।
