Germany के वरिष्ठ नेता Fredrick mard ने संकेत दिए हैं कि Yuropa संघ (EU) और India के बीच लंबे समय से लंबित मुक्त व्यापार समझौता (FTA) January के अंत तक अंतिम रूप ले सकता है। उनके इस बयान से India, Yuropa Business रिश्तों को लेकर नई उम्मीदें जगी हैं।

क्या कहा Fredrick mard ने?
Fredrick mard ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि Yurop संघ और Bharat के बीच Business वार्ताएं निर्णायक चरण में पहुंच चुकी हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि यदि बातचीत इसी गति से आगे बढ़ती रही तो जनवरी के अंत तक किसी ठोस समझौते की घोषणा संभव है। उन्होंने Bharat को Yurop के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीतिक और आर्थिक साझेदार बताया।
EU-India Business समझौता क्यों है अहम?
EU और Bharat के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौता दोनों पक्षों के लिए कई मायनों में महत्वपूर्ण है। इस समझौते से: व्यापार शुल्क में कमी आएगी निवेश के नए अवसर खुलेंगे Indian Company को Indian Market तक बेहतर पहुंच मिलेगी Urop Companys को Bharat में Business आसान होगा
विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने में भी मददगार साबित हो सकता है।
किन सेक्टर्स को होगा फायदा?
अगर यह समझौता लागू होता है तो इसका लाभ खास तौर पर AutoMobile फार्मा और हेल्थकेयर आईटी और Digital सेवाएं ग्रीन एनर्जी और Manufacturing जैसे क्षेत्रों को मिल सकता है।
India-EU Business संबंध
वर्तमान में Yorop संघ Bharat का एक प्रमुख व्यापारिक साझेदार है। दोनों के बीच द्विपक्षीय Business लगातार बढ़ रहा है लेकिन कई टैरिफ और रेगुलेटरी अड़चनों के कारण अब तक मुक्त Business समझौता नहीं हो सका है।Fredrick mard का बयान इस बात का संकेत देता है कि राजनीतिक स्तर पर अब समझौते को लेकर गंभीरता बढ़ी है।
विशेषज्ञों की राय
आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि EU- Bharat FTA से भारत की निर्यात क्षमता को बढ़ावा मिलेगा और विदेशी निवेश में इजाफा हो सकता है। हालांकि, कृषि और डेटा सुरक्षा जैसे मुद्दों पर अब भी सहमति बनना बाकी है।
Germany के नेता Fredrick mard
का बयान EU-Bharat Business समझौते को लेकर सकारात्मक संकेत देता है। अगर January के अंत तक यह समझौता होता है तो यह India और Yurop के आर्थिक रिश्तों में एक नया अध्याय जोड़ सकता है।