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भारत की ऊर्जा सुरक्षा और मध्य पूर्व पर निर्भरता कितना तेल LPG और LNG भंडार मौजूद

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March 4, 2026 7:56 AM
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भारत की ऊर्जा सुरक्षा और मध्य पूर्व पर निर्भरता कितना तेल LPG और LNG भंडार मौजूद
भारत की ऊर्जा सुरक्षा और मध्य पूर्व पर निर्भरता कितना तेल LPG और LNG भंडार मौजूद: By BiharTakk 

 

मध्य पूर्व में बढ़ते भूराजनीतिक तनाव के बीच भारत की ऊर्जा सुरक्षा एक अहम चर्चा का विषय बन गई है। भारत दुनिया के सबसे बड़े ऊर्जा उपभोक्ताओं में शामिल है और कच्चे तेल एलपीजी (LPG) तथा एलएनजी (LNG) की बड़ी मात्रा आयात करता है। ऐसे में सवाल उठता है कि भारत की ऊर्जा जरूरतों में मध्य पूर्व की क्या भूमिका है और हमारे पास कितने रणनीतिक भंडार (reserves) उपलब्ध हैं

कच्चे तेल पर निर्भरता

भारत अपनी कुल कच्चे तेल की जरूरतों का लगभग 85% आयात करता है। इसमें से बड़ा हिस्सा मध्य पूर्व के देशों जैसे सऊदी अरब इराक यूएई और कुवैत से आता है। इन देशों के साथ भारत के दीर्घकालिक ऊर्जा समझौते हैं। यदि क्षेत्रीय संघर्ष बढ़ता है या आपूर्ति बाधित होती है तो भारत पर सीधा असर पड़ सकता है। हालांकि सरकार ने इस जोखिम को कम करने के लिए रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार (Strategic Petroleum Reserves SPR) तैयार किए हैं।

भारत के रणनीतिक तेल भंडार

भारत के पास तीन प्रमुख रणनीतिक भंडारण स्थल हैं विशाखापत्तनम मैंगलुरु और पाडुर। इन भंडारों में कुल मिलाकर लगभग 5 से 6 मिलियन टन कच्चा तेल संग्रहित किया जा सकता है। यह भंडार देश की लगभग 9,10 दिनों की कुल तेल जरूरतों को पूरा करने में सक्षम है। इसके अलावा सार्वजनिक और निजी तेल कंपनियों के पास भी वाणिज्यिक भंडार मौजूद होते हैं जो कुल मिलाकर 60 दिनों से अधिक की खपत के बराबर माने जाते हैं। सरकार भविष्य में SPR की क्षमता बढ़ाने की योजना पर भी काम कर रही है ताकि संकट की स्थिति में ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

LPG की स्थिति

भारत में घरेलू रसोई गैस (LPG) की मांग तेजी से बढ़ी है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में LPG कनेक्शन की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। भारत अपनी LPG जरूरतों का लगभग 60% से अधिक आयात करता है जिसमें खाड़ी देशों की महत्वपूर्ण भूमिका है। सरकार ने LPG के भंडारण और वितरण नेटवर्क को मजबूत किया है। देशभर में बॉटलिंग प्लांट और डिपो स्थापित किए गए हैं जिससे आपूर्ति श्रृंखला अपेक्षाकृत स्थिर बनी रहती है। हालांकि लंबी अवधि के संकट की स्थिति में कीमतों पर असर पड़ सकता है।

LNG और प्राकृतिक गैस

भारत प्राकृतिक गैस की मांग को पूरा करने के लिए LNG का आयात भी करता है। प्रमुख आपूर्तिकर्ताओं में कतर अग्रणी है। कतर के साथ भारत का दीर्घकालिक LNG आयात समझौता है जो देश की गैस आधारित बिजली उत्पादन और उर्वरक उद्योग के लिए महत्वपूर्ण है। भारत के पास एलएनजी टर्मिनलों की बढ़ती क्षमता है जैसे दहेज कोच्चि और हजीरा जहां आयातित गैस को रीगैसिफाई कर घरेलू नेटवर्क में भेजा जाता है। गैस भंडारण क्षमता सीमित है लेकिन दीर्घकालिक अनुबंधों के कारण आपूर्ति में स्थिरता बनी रहती है।

क्या भारत पूरी तरह निर्भर है

हालांकि मध्य पूर्व भारत का प्रमुख ऊर्जा स्रोत है लेकिन सरकार ने आपूर्ति स्रोतों में विविधता लाने की रणनीति अपनाई है। रूस अमेरिका और अफ्रीकी देशों से भी कच्चे तेल का आयात बढ़ाया गया है। इससे एक ही क्षेत्र पर अत्यधिक निर्भरता कम करने में मदद मिली है। साथ ही नवीकरणीय ऊर्जा जैसे सौर और पवन की हिस्सेदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है ताकि आयातित ईंधन पर निर्भरता घटाई जा सके।

भारत की ऊर्जा सुरक्षा अभी

भी बड़े पैमाने पर मध्य पूर्व पर निर्भर है खासकर कच्चे तेल और LNG के मामले में। हालांकि रणनीतिक भंडार आपूर्ति विविधीकरण और नवीकरणीय ऊर्जा विस्तार जैसी नीतियों के कारण जोखिम को संतुलित करने की कोशिश की जा रही है। मौजूदा परिस्थितियों में ऊर्जा सुरक्षा केवल आर्थिक मुद्दा नहीं बल्कि राष्ट्रीय रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है।

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