
AI Impact Summit 2026 के दूसरे दिन की शुरुआत अहम चर्चाओं और भागीदारी के साथ हुई। Day 2 में खास तौर पर Applied AI (व्यावहारिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और Social Equity (सामाजिक समानता) जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर फोकस किया गया। विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि AI का विकास केवल तकनीकी प्रगति तक सीमित नहीं होना चाहिए बल्कि इसका लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचना जरूरी है।
Applied AI ज़मीनी स्तर पर तकनीक का उपयोग
सम्मेलन के दूसरे दिन Applied AI पर हुए सत्रों में हेल्थकेयर शिक्षा कृषि स्मार्ट सिटी और गवर्नेंस में AI के वास्तविक उपयोग के उदाहरण प्रस्तुत किए गए। वक्ताओं ने बताया कि कैसे AI आधारित समाधान सरकारी सेवाओं को अधिक प्रभावी पारदर्शी और तेज बना सकते हैं। तकनीकी दिग्गज कंपनियों जैसे OpenAI और Google से जुड़े प्रतिनिधियों ने बताया कि आने वाले वर्षों में Applied AI का फोकस बड़े मॉडल्स से हटकर लोकल समस्याओं के समाधान पर होगा।
Social Equity पर जोर AI सबके लिए
Day 2 का एक बड़ा हिस्सा Social Equity पर केंद्रित रहा। वक्ताओं ने कहा कि AI का लाभ केवल शहरी या तकनीकी रूप से सक्षम वर्ग तक सीमित नहीं रहना चाहिए। ग्रामीण इलाकों छोटे व्यवसायों महिलाओं और वंचित समुदायों तक AI की पहुंच सुनिश्चित करना समय की मांग है।
विशेषज्ञों ने यह भी चेतावनी दी कि यदि AI का विकास असंतुलित रहा तो डिजिटल डिवाइड और बढ़ सकता है। इसलिए नीति निर्माण में नैतिक AI डेटा गोपनीयता और समावेशी तकनीक को प्राथमिकता देना जरूरी है।
स्टार्टअप्स और नीति निर्माताओं की भागीदारी
AI Impact Summit 2026 के दूसरे दिन स्टार्टअप्स नीति निर्माताओं और शिक्षाविदों के बीच संवाद देखने को मिला। कई सत्रों में यह चर्चा हुई कि सरकार प्राइवेट सेक्टर और स्टार्टअप्स मिलकर कैसे AI को सामाजिक विकास का माध्यम बना सकते हैं। स्टार्टअप फाउंडर्स ने बताया कि Social Impact AI प्रोजेक्ट्स में निवेश की संभावनाएं तेजी से बढ़ रही हैं खासकर शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में।
Updates में क्या रहा खास
. Applied AI के सफल केस स्टडीज़ पेश की गईं
. Social Equity आधारित AI मॉडल्स पर पैनल डिस्कशन
. AI रेगुलेशन और जिम्मेदार उपयोग पर सहमति
युवाओं और स्टार्टअप्स के लिए नए अवसरों की घोषणा
भारत की भूमिका पर नजर
सम्मेलन में यह साफ संदेश दिया गया कि भारत न केवल AI का बड़ा बाजार है बल्कि वैश्विक AI नीति और सामाजिक प्रभाव के क्षेत्र में नेतृत्व करने की क्षमता भी रखता है। भारत का डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और विशाल टैलेंट पूल अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
AI Impact Summit 2026 के Day 2
ने यह स्पष्ट कर दिया कि भविष्य की AI सिर्फ स्मार्ट नहीं बल्कि समावेशी और सामाजिक रूप से जिम्मेदार होनी चाहिए। Applied AI और Social Equity जैसे विषयों पर हुई चर्चाएं आने वाले समय में वैश्विक AI दिशा को तय करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।