---Advertisement---

गोल्ड सिल्वर में बड़ी गिरावट दो दिन में COMEX गोल्ड 300 डॉलर टूटा निवेशकों के लिए क्या संकेत

By Post
March 20, 2026 1:25 PM
---Advertisement---

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली है। COMEX (Commodity Exchange) पर गोल्ड की कीमत दो दिनों में करीब 300 डॉलर तक गिर गई जबकि सिल्वर भी 70 डॉलर प्रति औंस के आसपास फिसलता नजर आया। इस तेज उतार चढ़ाव ने ट्रेडर्स और निवेशकों के बीच चिंता और अवसर दोनों पैदा कर दिए हैं।

क्यों आई इतनी बड़ी गिरावट

विशेषज्ञों के अनुसार इस गिरावट के पीछे कई कारण हैं। प्रमुख वजह अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता और डॉलर की मजबूती मानी जा रही है। जब ब्याज दरें ऊंची रहती हैं तो सोना जो किसी तरह का ब्याज नहीं देता निवेशकों को कम आकर्षक लगता है। हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक केंद्रीय बैंकों के सख्त रुख और बाजार में जोखिम लेने की बढ़ती प्रवृत्ति के कारण निवेशकों ने सोने चांदी से पैसा निकालकर अन्य एसेट्स की ओर रुख किया है।

सिल्वर में ज्यादा गिरावट क्यों

चांदी को सोने की तुलना में अधिक अस्थिर माना जाता है क्योंकि इसका उपयोग निवेश के साथ साथ औद्योगिक उत्पादन जैसे इलेक्ट्रॉनिक्स और सोलर पैनल में भी होता है। इसलिए आर्थिक गतिविधियों में थोड़े से बदलाव का असर भी सिल्वर की कीमत पर ज्यादा तेजी से पड़ता है। हालिया आंकड़ों के अनुसार सिल्वर में 10 प्रतिशत तक की गिरावट देखी गई जो इसकी उच्च अस्थिरता को दर्शाती है।

COMEX क्या है और इसका भारत पर असर

COMEX दुनिया के सबसे बड़े कमोडिटी एक्सचेंजों में से एक है जहां सोना और चांदी के फ्यूचर्स ट्रेड होते हैं। यहां की कीमतें बेंचमार्क मानी जाती हैं। भारत में MCX (Multi Commodity Exchange) पर ट्रेड होने वाली कीमतें अक्सर COMEX के रुझान का ही अनुसरण करती हैं। इसलिए जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेज गिरावट आती है तो भारतीय बाजार में भी उसी का असर दिखाई देता है।

क्या यह गिरावट आगे भी जारी रह सकती है

विश्लेषकों का मानना है कि जब तक ब्याज दरों और डॉलर में मजबूती बनी रहती है तब तक सोने चांदी में दबाव बना रह सकता है। हालांकि भूराजनीतिक तनाव या आर्थिक अनिश्चितता बढ़ने पर सोना फिर से सुरक्षित निवेश के रूप में उभर सकता है। कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि यह गिरावट एक तकनीकी करेक्शन भी हो सकती है क्योंकि पिछले महीनों में सोने और चांदी की कीमतों में काफी तेजी आई थी।

ट्रेडर्स के लिए रणनीति

जो लोग कमोडिटी ट्रेडिंग करते हैं उनके लिए यह समय बेहद सावधानी से निर्णय लेने का है। तेज गिरावट के दौरान इंट्राडे ट्रेडिंग में जोखिम बढ़ जाता है सिल्वर जैसे अस्थिर धातु में स्टॉप लॉस का उपयोग बेहद जरूरी हो जाता है लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह गिरावट धीरे धीरे खरीदारी का अवसर भी हो सकती है मार्जिन नियमों और फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट की लागत में बदलाव भी कीमतों को प्रभावित कर सकता है जिससे अचानक तेज गिरावट देखने को मिलती है।

भारतीय निवेशकों पर प्रभाव

भारत में सोने की कीमतें रुपये और डॉलर की विनिमय दर से भी प्रभावित होती हैं। यदि डॉलर मजबूत होता है तो भले ही अंतरराष्ट्रीय कीमतें गिरें भारतीय बाजार में गिरावट सीमित रह सकती है। हालांकि यदि दोनों डॉलर और अंतरराष्ट्रीय कीमत एक साथ गिरते हैं तो घरेलू बाजार में सोने चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट देखी जा सकती है।

COMEX पर सोने चांदी

की कीमतों में आई हालिया गिरावट वैश्विक वित्तीय परिस्थितियों का परिणाम है। दो दिनों में गोल्ड का 300 डॉलर टूटना और सिल्वर का 70 डॉलर के आसपास आना यह दिखाता है कि कमोडिटी बाजार कितने संवेदनशील होते हैं। ट्रेडर्स और निवेशकों के लिए यह समय सतर्क रहने का है। जहां एक ओर जोखिम बढ़ा है, वहीं लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह संभावित खरीदारी का मौका भी साबित हो सकता है।

 

Join WhatsApp

Join Now

Leave a Comment