Mumbai: Brihnmumbai महान गरपालिका (BMC) में इस बार मेयर का चुनाव लॉटरी के जरिए तय किया जाएगा। यह फैसला चौंकाने वाला हो सकता है लेकिन इसके पीछे कानूनी और प्रशासनिक नियम पहले से तय हैं। नियमों के मुताबिक यदि मेयर चुनाव में बराबरी की स्थिति बनती है तो परिणाम लॉटरी के माध्यम से निकाला जाता है और पूरी प्रक्रिया में करीब एक सप्ताह का समय लग सकता है।

लॉटरी से मेयर क्यों?
BMC के नियमों के अनुसार जब मेयर पद के लिए होने वाले चुनाव में उम्मीदवारों को समान में वोट मिलते हैं तो किसी एक को विजेता घोषित करने के लिए लॉटरी का सहारा लिया जाता है। यह तरीका निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए अपनाया जाता है।
एक हफ्ता क्यों लगेगा?
लॉटरी प्रक्रिया से पहले कई औपचारिक कदम पूरे करने होते हैं। इसमें चुनाव परिणामों की आधिकारिक पुष्टि
आपत्तियों और दावों की जांच कानूनी प्रक्रिया का पालन नगर निगम की बैठक का आयोजन इन सभी चरणों को पूरा करने में लगभग सात दिन का समय लग सकता है।
नियम क्या कहते हैं?
नगर निगम अधिनियम के तहत यह व्यवस्था पहले से मौजूद है। इसका उद्देश्य यह है कि सुनिश्चित करना है कि किसी भी तरह की राजनीतिक खींचतान या विवाद से बचा जा सके और प्रक्रिया शांतिपूर्ण से पूरी हो सके
राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया
लॉटरी से मेयर चुने जाने की संभावना को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ दल इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा मान रहे हैं जबकि कुछ इसे असामान्य लेकिन कानूनी विकल्प बता रहे हैं
Mumbai की राजनीति पर असर
मेयर का चयन लॉटरी से होना Mumbai की राजनीति में एक अनोखा मोड़ ला सकता है। इससे सत्ता संतुलन और प्रशासनिक दिशा पर भी असर पड़ सकता है।
Mumbai में मेयर का फैसला
लॉटरी से होना भले ही असामान्य लगे लेकिन यह पूरी तरह कानूनी और नियमों के अनुरूप है। एक हफ्ते की प्रक्रिया के बाद साफ हो जाएगा कि Mumbai की कमान किसके हाथ में जाएगी।