Uttar Pradesh सरकार ने असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा को रद्द करने का फैसला किया है। यह कार्रवाई स्पेशल टास्क Force (STF) द्वारा परीक्षा में गंभीर अनिय मितताओं और संगठित नकल के खुलासे के बाद की गई। सरकार के इस निर्णय से हजारों अभ्यर्थियों में हलचल मच गई है।

STF की जांच में क्या सामने आया?
STF की प्रारंभिक जांच में पता चला कि परीक्षा के दौरान कुछ केंद्रों पर पेपर लीक सॉल्वर गिरोह और digital माध्यमों से नकल कराई जा रही थी। कुछ को हिरासत में लिया गया है और उनके पास से Electranic डिवाइस प्रश्नपत्र से जुड़ा deta और अन्य सबूत बरामद किए गए हैं।
सरकार का फैसला
राज्य सरकार ने साफ किया कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इसी के तहत पूरी परीक्षा को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया है। सरकार ने यह संकेत दिए हैं कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अभ्यर्थियों की प्रतिक्रिया
ईमानदारी से परीक्षा देने वाले उम्मीदवारों में निराशा देखी जा रही है। कई अभ्यर्थियों का कहना है कि वे लंबे समय से इस भर्ती की तैयारी कर रहे थे लेकिन नकल और भ्रष्टाचार की वजह से उन्हें फिर से इंतजार करना पड़ेगा।
STF और शिक्षा विभाग का बयान
अधिकारियों ने कहा कि यह कदम भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी था। शिक्षा विभाग ने भरोसा दिलाया है कि नई परीक्षा तिथि जल्द घोषित की जाएगी और इस बार परीक्षा प्रणाली को और सख्त बनाया जाएगा।
कानूनी कार्रवाई तेज
STF ने नकल माफिया से जुड़े लोगों की पहचान शुरू कर दी है। जल्द ही गिरफ्तार और चार्जशीट की कार्रवाई की जाएगी। जांच का दायरा पूरे राज्य में फैलाया जा रहा है।
भर्ती परीक्षाओं पर सख्ती
Uttar Pradesh सरकार पहले भी भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी पर सख्त कदम उठा चुकी है। इस फैसले को सरकार की नीति के तहत देखा जा रहा है।
