PM Narendra Modi ने Malaysia दौरे के दौरान भारतीय प्रवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि तमिल भाषा भारत की वह अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर है जो देश को समुदाय से जोड़ती है। उन्होंने तमिल भाषा की ऐतिहासिक गहराई उपस्थिति और भारत मलेशिया संबंधों में उसकी भूमिका को विशेष रूप से रेखांकित किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा
तमिल दुनिया की सबसे प्राचीन जीवित भाषाओं में से एक है और इसकी समृद्ध साहित्यिक एवं सांस्कृतिक परंपरा भारत की पहचान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करती है। उन्होंने मलेशिया में बसे तमिल समुदाय की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह समुदाय दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक सेतु की भूमिका निभा रहा है।
भारतीय प्रवासी भारत की सॉफ्ट पावर
अपने संबोधन में PM ने भारतीय प्रवासियों को भारत का सांस्कृतिक राजदूत बताया। उन्होंने कहा कि प्रवासी भारतीय जहां भी रहते हैं वे अपनी मेहनत अनुशासन और संस्कारों के माध्यम से भारत की सकारात्मक छवि प्रस्तुत करते हैं। मलेशिया में भारतीय समुदाय ने शिक्षा व्यापार स्वास्थ्य और सार्वजनिक
जीवन सहित कई क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय प्रवासी केवल आर्थिक योगदान तक सीमित नहीं हैं बल्कि वे भारत की भाषा संस्कृति और परंपराओं को जीवित रखने में भी अहम भूमिका निभाते हैं।
Bharat और Malaysia के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और मलेशिया के रिश्ते सदियों पुराने हैं और इनकी नींव व्यापार संस्कृति और मानवीय संपर्क पर टिकी हुई है। तमिल भाषा और संस्कृति इन संबंधों की आत्मा रही है। उन्होंने बताया कि भारतीय संस्कृति का प्रभाव मलेशिया के सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।
उन्होंने भारत की एक्ट ईस्ट नीति
उल्लेख करते हुए कहा कि मलेशिया दक्षिण पूर्व एशिया में भारत का एक महत्वपूर्ण साझेदारी है। दोनों देशों के बीच सहयोग व्यापार निवेश शिक्षा डिजिटल तकनीक और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में लगातार बढ़ रहा है।
संस्कृति से कूटनीति तक
प्रधानमंत्री ने योग आयुर्वेद भारतीय शास्त्रीय संगीत और नृत्य जैसी परंपराओं का जिक्र करते हुए कहा कि ये भारत की सांस्कृतिक कूटनीति को मजबूत करती हैं। तमिल भाषा और साहित्य इस सांस्कृतिक संबंध को और गहराई प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि भारत आज अपनी सांस्कृतिक विरासत के साथ आधुनिक विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है और इस यात्रा में प्रवासी भारतीय की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह संदेश
कि तमिल भाषा भारत को दुनिया से जोड़ती है भारत की सांस्कृतिक वि विधता और सोच को दर्शाता है। मलेशिया में भारतीय प्रवासियों को संबोधित करते हुए उन्होंने यह स्पष्ट किया कि भाषा और संस्कृति भारत की सबसे बड़ी ताकत हैं जो उसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर सम्मान और पहचान दिलाती हैं।