New delhi संसद सत्र 2026 के दौरान लोकसभा की कार्यवाही बारबार स्थगित करनी पड़ी। सदन में उस समय भारी हंगामा खड़ा हो गया जब Congress नेता Rahul Gandhi ने Bharat Chinna सीमा तनाव से जुड़े मुद्दे पर पूर्व सेना प्रमुख जनरल M.M Naravane की आत्मकथा का हवाला देने की कोशिश की।

Naravane की आत्मकथा पर विवाद
Rahul Gandhi ने सदन में चर्चा के दौरान Naravane की आत्मकथा में वर्णित उस घटनाक्रम का उल्लेख करना चाहा जिसमें Indian और Chinese टैंकों के आमने सामने आने की बात कही गई है। जैसे ही उन्होंने इस विषय को उठाया सत्ता पक्ष के सांसदों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया और इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा संवेदनशील मामला बताया।
लोकसभा में हंगामा और स्थगन
सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक के बाद लोकसभा अध्यक्ष को कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। दिन के दौरान कई बार सदन की कार्यवाही बाधित हुई जिससे महत्वपूर्ण विधायी कार्य पूरे नहीं हो सके।
सत्ता पक्ष का रुख
सत्तारूढ़ दल के नेताओं का कहना था कि सेना से जुड़े संवेदनशील विषयों को राजनीतिक बहस का हिस्सा बनाना उचित नहीं है। उनका आरोप था कि विपक्ष इस के जरिए सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है।
विपक्ष का जवाब
वहीं विपक्षी दलों ने कहा कि उनका राष्ट्रीय सुरक्षा पर सवाल उठाना नहीं बल्कि सरकार की पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। Congress नेताओं का कहना था कि संसद में इस तरह के अहम विषयों पर चर्चा रोकी नहीं जानी चाहिए।
कार्यवाही प्रभावित
लगातार हंगामे और स्थगन के चलते लोकसभा का कामकाज बुरी तरह प्रभावित हुआ। कई सांसदों ने इस स्थिति पर नाराजगी जताते हुए कहा कि संसद जैसे महत्वपूर्ण मंच पर सार्थक चर्चा की जगह शोर शराबा लोकतंत्र के लिए सही संकेत नहीं है।
संसद सत्र 2026 का यह दिन
लोकसभा में भारी हंगामे और राजनीतिक टकराव के नाम रहा। नरवणे की आत्मकथा से जुड़े ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों पर संसद में किस तरह और किस सीमा तक चर्चा की जानी चाहिए।