Putin आज भारत दौरे पर: ब्रह्मोस, व्यापार, Media और कृषि पर होगी अहम चर्चा

Russi राष्ट्रपति Vladimir Putin आज भारत की यात्रा पर आ रहे हैं। यह दौरा भारत रूस संबंधों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें रक्षा, व्यापार, मीडिया सहयोग और कृषि जैसे कई अहम क्षेत्रों पर चर्चा होने की संभावना है। दोनों देशों के बीच दशकों से रणनीतिक साझेदारी रही है, और मौजूदा वैश्विक हालात में इस मुलाकात को नई दिशा और मजबूत आधार देने वाला दौर समझा जा रहा है।

 

 

भारत और Russ के बीच रक्षा सहयोग हमेशा से द्विपक्षीय रिश्तों की रीढ़ रहा है।

इस दौरे की सबसे महत्वपूर्ण चर्चाओं में ब्रह्मोस मिसाइल साझेदारी, संयुक्त उत्पादन और निर्यात बढ़ाने की रणनीति शामिल है। ब्रह्मोस को दोनों देशों की संयुक्त तकनीक का सफल प्रतीक माना जाता है, और आने वाले वर्षों में इसके उन्नत संस्करणों पर भी सहयोग बढ़ाने की उम्मीद है। पुतिन के दौरे में रक्षा उपकरणों की सप्लाई, तकनीकी ट्रांसफर और भविष्य में संभावित रक्षा परियोजनाओं पर भी बातचीत हो सकती है।

 

Business और अर्थव्यवस्था भी इस मुलाकात का बड़ा हिस्सा हैं।

भारत चाहता है कि Russ के साथ द्विपक्षीय व्यापार और मजबूत हो, खासकर ऊर्जा, खनिज, फार्मा, केमिकल मशीनरी और आईटी सेवाओं के क्षेत्र में। रूस भारत के लिए कच्चे तेल और गैस का बड़ा निर्यातक है और भारत की कोशिश है कि भुगतान प्रणाली, शिपिंग Root और मुद्रा विनिमय के मुद्दों को सरल बनाया जाए ताकि व्यापार सुचारू रूप से आगे बढ़ सके। दोनों देशों के बीच स्थानीय मुद्राओं में व्यापार पर भी गहरी चर्चा होने की संभावना है।

 

Media और Sanskritik सहयोग

इस दौरे की एक और प्रमुख कड़ी है। दोनों देशों के बीच सूचना प्रसारण Digital Media कंटेंट एक्सचेंज और पत्रकारिता प्रशिक्षण जैसे क्षेत्रों में नए समझौते हो सकते हैं। भारत और रूस लंबे समय से सांस्कृतिक आदान. प्रदान के माध्यम से एक-दूसरे को समझते रहे हैं, और नए डिजिटल युग में इस सहयोग के विस्तार की उम्मीद है।

 

कृषि क्षेत्र में Russ भारत का एक महत्वपूर्ण साझेदार बनता जा रहा है।

भारत खाद गेहूं और कृषि तकनीक के मामले में रूस से सहयोग चाहता है। इस दौरे में खाद निर्यात, खेती के आधुनिक उपकरण, बीज तकनीक और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में नई संभावनाओं पर भी गहन चर्चा होने की संभावना है। भारत चाहता है कि कृषि उत्पादों के व्यापार को सरल बनाया जाए और लंबे समय के लिए स्थायी आपूर्ति चैनल तैयार किए जाएं।

 

Putin का यह दौरा भारतीय कूटनीति के लिए काफी मायने रखता है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती चुनौतियों, क्षेत्रीय तनाव और बदलते आर्थिक माहौल में भारत और रूस दोनों ही बहु-ध्रुवीय विश्व व्यवस्था में एक-दूसरे के महत्वपूर्ण साझेदार बने हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस दौरे से न केवल रक्षा सहयोग मजबूत होगा बल्कि व्यापार, ऊर्जा, कृषि और मीडिया जैसे क्षेत्रों में भी नई संभावनाएं खुलेंगी।

कुल मिलाकर, Putin की यह यात्रा भारत Russ साझेदारी में नई ऊर्जा भरने वाली मानी जा रही है। दोनों देशों की यह मुलाकात आने वाले वर्षों की रणनीतिक दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगी।

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