Bharat और America के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर चर्चाओं के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका व्यापार समझौते का ढांचा दोनों देशों के बीच बढ़ते आपसी भरोसे सहयोग और आर्थिक गतिशीलता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब इस समझौते को लेकर देश और दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं।

PM Narendra Modi ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीते एक दशक में केवल रणनीतिक साझेदार ही नहीं बने हैं बल्कि आर्थिक सहयोग के क्षेत्र में भी नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह व्यापार समझौता दोनों लोकतांत्रिक देशों की साझा सोच और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया गया है।
Bharat और America व्यापार संबंधों को मिलेगी नई मजबूती
PM Modi के अनुसार इस व्यापार ढांचे का द्विपक्षीय व्यापार को सरल बनाना निवेश को प्रोत्साहित करना और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है। भारत और अमेरिका पहले से ही एक दूसरे के बड़े व्यापारिक साझेदार हैं और यह समझौता इस रिश्ते को और मजबूत करेगा।
सरकारी सूत्रों का कहना है
कि समझौते में Manufacturing Technology Digital सर्विसेज सप्लाई चेन ऊर्जा और फार्मा जैसे क्षेत्रों पर विशेष फोकस किया गया है। इससे भारतीय उद्योगों को बाजार में प्रतिस्पर्धा करने में मदद मिलेगी।
भारत के हितों से कोई समझौता नहीं
व्यापार समझौते को लेकर उठ रहे सवालों पर सरकार ने साफ किया है कि इसमें भारत के राष्ट्रीय हितों से कोई समझौता नहीं किया गया है। केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार सभी शर्तों पर भारत की जरूरतों घरेलू उद्योगों और किसानों के हितों को ध्यान में रखकर बातचीत की गई है।
PM Narendra Modi
ने भी स्पष्ट किया है कि भारत अब किसी भी अंतरराष्ट्रीय समझौते में केवल बराबरी के आधार पर ही आगे बढ़ता है। उन्होंने कहा कि यह समझौता विन मॉडल पर आधारित है जिससे दोनों देशों को समान लाभ मिलेगा।
अर्थव्यवस्था में भारत की भूमिका
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और अमेरिका व्यापार समझौता अर्थव्यवस्था में भारत की स्थिति को और मजबूत करेगा। अमेरिका जैसे बड़े आर्थिक साझेदार के साथ सहयोग से भारत को निवेश तकनीक और रोजगार के नए अवसर मिल सकते हैं।
इसके साथ ही यह समझौता भारत को वैश्विक सप्लाई चेन का अहम केंद्र बनाने में भी सहायक साबित हो सकता है खासकर ऐसे समय में जब दुनिया वैकल्पिक बाजारों की तलाश कर रही है।
आगे क्या
आने वाले 4 से 5 दिनों में इस व्यापार समझौते को लेकर संयुक्त बयान जारी किया जा सकता है। इसके बाद कानूनी प्रक्रिया को अंतिम रूप देने का काम शुरू होगा।