Goa के लोकप्रिय बीच इलाकों में से एक में स्थित Birch by Romeo Lane Night club में लगी भीषण आग ने पूरे राज्य को हिलाकर रख दिया। शनिवार देर रात हुए इस हादसे के बाद प्रशासन ने तुरंत एक मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं, ताकि आग लगने के सही कारणों का पता लगाया जा सके और यह समझा जा सके कि कहीं इस घटना के पीछे किसी तरह की लापरवाही या सुरक्षा मानकों की अनदेखी तो जिम्मेदार नहीं।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रात
करीब 1 बजे Club के अंदर अचानक धुआँ फैलने लगा जिसके कुछ ही देर बाद आग की लपटें ऊँची होती गईं। घटना के समय क्लब में मौजूद लोग संगीत और पार्टी का आनंद ले रहे थे जिससे शुरुआत में स्थिति को समझने में थोड़ी देर हुई। हालांकि स्टाफ और सिक्योरिटी टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए लोगों को बाहर निकालने का प्रयास किया, जिससे कई बड़े नुकसान टल गए। रिपोर्ट्स के अनुसार, बड़ी संख्या में लोग सुरक्षित बाहर निकल आए, जबकि कुछ को हल्की चोटें आईं।
हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन
Fire Briged और police टीम ने मिलकर फौरन राहत कार्य शुरू किया। आग को नियंत्रित करने में कई घंटे लग गए, क्योंकि क्लब में लकड़ी की सजावट, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य ज्वलनशील सामग्री मौजूद थी, जिसने आग को तेजी से फैलने में सहायता की।
इस घटना के बाद सवाल उठने लगे कि आखिर क्लब में सुरक्षा मानक कितने मजबूत थे।
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि क्लब में मौजूद फायर सेफ्टी उपकरण पर्याप्त नहीं थे या फिर सही तरीके से काम नहीं कर रहे थे। इसी को देखते हुए जिला प्रशासन ने मजिस्ट्रियल जांच का आदेश दिया है, जो यह देखेगी कि क्या क्लब के पास वैध फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट था, क्या एग्जिट गेट्स पर्याप्त थे, और क्या अंदर भीड़ नियंत्रित करने के लिए जरूरी इंतजाम मौजूद थे।
Goa सरकार ने साफ किया है
किसी भी तरह की लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। पर्यटन मंत्री ने कहा Goa में आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है। इस तरह की घटनाएं अस्वीकार्य हैं और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
स्थानीय लोगों और पर्यटकों में इस हादसे को लेकर चिंता बढ़ गई है।
Goa जैसे पर्यटन राज्य में नाइटलाइफ़ का अपना आकर्षण है लेकिन बार-बार हो रही इस तरह की घटनाएँ सुरक्षा मानकों पर प्रश्नचिह्न लगाती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि नाइटक्लब और बार संचालकों को फायर सेफ्टी को लेकर अधिक सतर्क रहने की जरूरत है, खासकर भीड़भाड़ वाले सप्ताहांत में।
फिलहाल क्लब को सील कर दिया गया है और सभी Opretion तब तक बंद रहेंगे जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती। प्रशासन ने जनता से सहयोग की अपील की है और प्रत्यक्षदर्शियों से बयान दर्ज करवाने के लिए आगे आने को कहा है।
इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि मनोरंजन स्थलों में सुरक्षा सिर्फ एक औपचारिकता नहीं, बल्कि आवश्यक जिम्मेदारी है। उम्मीद है कि जांच के परिणाम से यह साफ होगा कि क्या गलत हुआ और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाने चाहिए।
