बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए आए Axis My India एग्जिट पोल के अनुसार, नीतीश कुमार के नेतृत्व वाला (NDA) मामूली अंतर से जीत की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है। 20 साल की सत्ता-विरोधी लहर (anti-incumbency) के बावजूद, एनडीए 121 से 141 सीटें हासिल कर सकता है, जबकि तेजस्वी यादव के नेतृत्व वाला महागठबंधन 98 से 118 सीटों तक सीमित रह सकता है।

जनसुराज पार्टी को नहीं मिलेगा फायदा
Prashant Kishore की जनसुराज पार्टी (JSP), जिसने इस चुनाव में काफी चर्चा बटोरी, को इस सर्वे में कोई खास सफलता मिलती नहीं दिख रही। सर्वे के मुताबिक, पार्टी को अधिकतम 1 सीट या उससे भी कम मिल सकती है।
वोट शेयर में NDA को बढ़त
Axis My India के अनुसार, बिहार में इस बार मुकाबला बेहद कांटे का रहेगा।
2020 में एनडीए को 37% वोट मिले थे, जो अब बढ़कर 43% तक पहुंच सकता है।
वहीं महागठबंधन को 41% वोट शेयर मिलने का अनुमान है।
यह बढ़त चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी के एक साथ आने से संभव हुई है। 2020 में दोनों दल अलग-अलग लड़े थे।
जातिगत समीकरणों ने किया NDA का साथ
सर्वे के मुताबिक, एनडीए को ओबीसी (OBC), ईबीसी (EBC), एससी (SC) और ऊपरी जातियों (Upper Castes) का मजबूत समर्थन मिला है।
वहीं, महागठबंधन अपनी पारंपरिक मुस्लिम-यादव (MY) वोटबैंक तक ही सीमित रह गया है।
जनता की पसंद कौन बने मुख्यमंत्री?
हालांकि, सर्वे में जनता की पसंद के रूप में तेजस्वी यादव आगे हैं।
लगभग 34% लोगों ने तेजस्वी को मुख्यमंत्री के रूप में चुना है, जबकि 22% लोगों ने नीतीश कुमार के पक्ष में राय दी है।
Nitish Kumar की वापसी संभव
अगर एग्जिट पोल के नतीजे सही साबित होते हैं, तो यह एनडीए और नीतीश कुमार दोनों के लिए एक बड़ी वापसी होगी।
2020 के चुनाव में जदयू की सीटें 71 से घटकर 43 रह गई थीं, जबकि बीजेपी ने 74 सीटें जीती थीं और आरजेडी 75 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी थी।
फिर भी, एनडीए ने मामूली बहुमत के साथ सरकार बनाई थी।
प्रशांत किशोर की चुनौती बेअसर?
Axis My India का मानना है कि प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी इस बार सीटें तो नहीं जीतेगी, लेकिन वोट शेयर में थोड़ी सेंध जरूर लगाएगी — जो महागठबंधन को नुकसान पहुंचा सकती है। सर्वे के अनुसार JSP को करीब 4% वोट मिल सकते हैं।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, बिहार इस बार photo finish की ओर बढ़ता दिख रहा है।
एक ओर 20 साल पुराना एनडीए शासन, दूसरी ओर तेजस्वी यादव की युवा चुनौती — नतीजे कुछ भी हों, लेकिन मुकाबला बेहद दिलचस्प रहने वाला है।
