Lucknow: Uttar Pradesh की राजनीति में एक बार फिर तीखी बयानबाज़ी देखने को मिल रही है। खांसी की दवा (कफ सिरप) मामले में आरोपी व्यक्ति के साथ Samaj wadi party प्रमुख Akhilesh Yadav की तस्वीरें सामने आने के बाद सत्तारूढ़ दल के मंत्रियों ने उन पर जमकर हमला बोला है। मामला सामने आते ही राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है और बयानबाज़ी तेज़ हो गई है।

Up सरकार के मंत्रियों का आरोप है कि नशीली खांसी की दवा के अवैध कारोबार से जुड़े आरोपी के साथ तस्वीरें सामने आना गंभीर सवाल खड़े करता है। उनका कहना है कि ऐसे मामलों में ज़ीरो टॉलरेंस की बात करने वाली विपक्षी पार्टियों को पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए। मंत्रियों ने दावा किया कि यह मामला युवाओं के भविष्य और Pradesh की कानून-व्यवस्था से जुड़ा हुआ है, जिसे किसी भी हाल में हल्के में नहीं लिया जा सकता।
सरकार का सख्त रुख
सरकारी सूत्रों के मुताबिक खांसी की दवा के अवैध Network के खिलाफ Pradesh भर में लगातार कार्रवाई की जा रही है। Police और drag Control विभाग की संयुक्त टीमों ने कई जिलों में छापेमारी कर बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित कफ सिरप बरामद की है। सरकार का कहना है कि इस तरह के मामलों में किसी भी राजनीतिक दबाव को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
Akhilesh yadav पर आरोप
Up mantriyo ने सवाल उठाया कि अगर आरोपी के साथ तस्वीरें हैं तो उसकी पृष्ठभूमि की जानकारी क्यों नहीं ली गई। उन्होंने यह भी कहा कि जनता को यह जानने का अधिकार है कि ऐसे लोगों से नज़दीकियां क्यों रखी गईं। Mantriyo ने इसे विपक्ष की दोहरी राजनीति करार देते हुए कहा कि एक तरफ़ कानून-व्यवस्था पर सवाल दूसरी तरफ़ ऐसे तत्वों से मेलजोल यह स्वीकार्य नहीं है।
विपक्ष की प्रतिक्रिया
हालांकि Shamaj wadi party की ओर से अभी तक इस पूरे मामले पर औपचारिक बयान सीमित रहा है। पार्टी नेताओं का कहना है कि तस्वीरों के आधार पर किसी को दोषी ठहराना सही नहीं है और सरकार इस मुद्दे को राजनीतिक लाभ के लिए उछाल रही है। उनका आरोप है कि असली मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए ऐसे विवाद खड़े किए जा रहे हैं।
राजनीतिक असर
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मामला और तूल पकड़ सकता है। कानून-व्यवस्था नशे के खिलाफ अभियान और राजनीतिक जवाबदेही जैसे मुद्दे चुनावी माहौल में अहम भूमिका निभा सकते हैं। फिलहाल uttar Pradesh की सियासत में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है और सबकी निगाहें आगे की कार्रवाई और आधिकारिक प्रति
क्रियाओं पर टिकी हैं।
