Gujarat के Bhawnagar में सोमवार सुबह एक पैथोलॉजी लैब में लगी आग ने पूरे मेडिकल क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया। अचानक उठी लपटों ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप ले लिया, जिससे आसपास स्थित कई छोटे-बड़े अस्पतालों तक गर्मी और धुआं फैल गया। घटना के बाद मरीजों, स्टाफ और रिश्तेदारों में दहशत फैल गई और सभी को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन तुरंत शुरू किया गया।

कैसे लगी आग? शुरुआती जांच जारी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह करीब 9 बजे लैब से धुआं उठता हुआ देखा गया। शुरुआती अनुमान है कि आग इलेक्ट्रिक शॉर्ट-सर्किट या किसी मशीन की तकनीकी खराबी के कारण लगी हो सकती है। हालांकि, फायर डिपार्टमेंट ने साफ कहा है कि सटीक कारण का पता जांच पूरी होने के बाद ही लगाया जा सकेगा।
कुछ ही देर में लपटें तेज हो गईं और लैब के अंदर रखा रसायन और अन्य ज्वलनशील सामग्री धधक उठी, जिससे आग को नियंत्रित करना मुश्किल होने लगा। धुआं इतना घना था कि आस-पास के अस्पतालों में मरीजों को सांस लेने में परेशानी होने लगी।
अस्पतालों में मची भगदड़, टूटी खिड़कियों से निकाले गए मरीज
आग फैली तो सबसे ज्यादा खतरा उन अस्पतालों को हुआ जो लैब से सटे हुए थे। कई वार्डों में धुआं भर गया और मरीजों को तुरंत बाहर निकालना जरूरी हो गया। कुछ अस्पतालों में स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि स्टाफ ने खिड़कियों के शीशे तोड़कर मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालना शुरू किया।
व्हीलचेयर, स्ट्रेचर और यहां तक कि हाथों से उठाकर भी मरीजों को बाहर पहुंचाया गया। दमकल कर्मियों और अस्पताल स्टाफ की त्वरित कार्रवाई की वजह से किसी बड़े हादसे को टाला जा सका।
दमकल विभाग का त्वरित एक्शन
घटना की सूचना मिलते ही Fir Briget की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकलकर्मी लगातार एक घंटे से अधिक समय तक आग को काबू करने में जुटे रहे। आग पर काबू पाने के बाद भी ठंडा करने का काम लंबे समय तक चलता रहा, क्योंकि लैब में रखी सामग्री फिर से भड़क सकती थी।
Fir Briget अधिकारियों के मुताबिक, यदि आग कुछ और मिनट uncontrolled रहती, तो यह आसपास के अस्पतालों और दुकानों तक भी फैल सकती थी। उनका कहना है कि पास-पड़ोस में रसायनों वाला यह सबसे संवेदनशील इलाका था, इसलिए रेस्क्यू भी चुनौतीपूर्ण था।
कई अस्पतालों में अस्थायी शिफ्टिंग
आग लगने से पैदा हुए धुएं और बदली स्थिति को देखते हुए कई अस्पतालों ने अपने मरीजों को दूसरी Emarto या नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में शिफ्ट किया। कुछ मरीजों को ऑक्सीजन सपोर्ट के साथ एंबुलेंस में ही रखकर मॉनिटर किया गया। स्थानीय प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और प्रभावित अस्पतालों का निरीक्षण भी किया जा रहा है।
लोकल प्रशासन और नागरिकों की भूमिका
घटना के दौरान Aspatal के लोगों ने भी मदद का हाथ बढ़ाया। कई लोगों ने पानी की बोतलें और सहारा देकर मरीजों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया। प्रशासन ने आम लोगों से क्षेत्र में अनावश्यक भीड़ न लगाने की अपील की है।
किसी जनहानि की खबर नहीं
सबसे राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी की जान नहीं गई। हालांकि कुछ मरीजों और Staff को धुएं के कारण सांस लेने में दिक्कत हुई, जिन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया।
जांच जारी लैब को सील किया गय
फिलहाल दुर्घटना वाली पैथोलॉजी लैब को सील कर दिया गया है और घटना की विस्तृत जांच जारी है। प्रशासन ने आसपास के अस्पतालों को भी सुरक्षा की दृष्टि से Electric सिस्टम की जांच कराने का निर्देश दिया है।
