
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव एक बार फिर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गए हैं। इस बार वजह बनी उनकी एक इंस्टाग्राम रील जिसमें उन्होंने हाईवे निर्माण की उपलब्धि को दिखाने के लिए मशहूर रॉक बैंड Metallica के म्यूज़िक का इस्तेमाल किया। हालांकि यह प्रयोग कई लोगों को रचनात्मक लगा लेकिन हार्ड रॉक और मेटल म्यूज़िक के प्रशंसकों यानी मेटलहेड्स को यह समझ नहीं आया कि सड़क और मेटल म्यूज़िक का आपस में क्या संबंध है।
क्या है पूरा मामला
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर एक शॉर्ट वीडियो साझा किया जिसमें पक्की और मजबूत सड़कों (मेटल रोड) को दिखाते हुए यह संदेश देने की कोशिश की गई कि उनके कार्यकाल में बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार हुआ। वीडियो के बैकग्राउंड में Metallica का लोकप्रिय म्यूज़िक चलता रहा। यहीं से भ्रम की स्थिति पैदा हो गई। कई यूज़र्स ने सवाल उठाया कि क्या मेटल रोड और मेटल म्यूज़िक को जोड़ना एक मज़ाक है या यह सिर्फ सोशल मीडिया पर ध्यान खींचने की रणनीति।
सोशल मीडिया पर मिली जुली प्रतिक्रिया
रील पोस्ट होते ही सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। कुछ समर्थकों ने इसे युवाओं से जुड़ने का स्मार्ट तरीका बताया जबकि कई मेटल म्यूज़िक फैंस ने इसे कंफ्यूज़िंग और अनावश्यक प्रयोग कहा। कुछ यूज़र्स ने मज़ाकिया अंदाज़ में लिखा कि मेटल रोड के लिए मेटालिका बजाना नई राजनीतिक मार्केटिंग है।
राजनीतिक संदेश या डिजिटल प्रयोग
राजनीतिक का मानना है कि अखिलेश यादव लगातार सोशल मीडिया को एक टूल की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं ताकि युवा वोटर्स तक अपनी बात आसानी से पहुंचाई जा सके। आज की डिजिटल राजनीति में रील्स मीम्स और ट्रेंडिंग म्यूज़िक का उपयोग आम बात हो चुकी है। ऐसे में यह रील भी उसी रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है भले ही उसका संदेश सभी को स्पष्ट न लगा हो।
विपक्ष का तंज
रील को लेकर विपक्षी दलों ने भी तंज कसने का मौका नहीं छोड़ा। कुछ नेताओं ने कहा कि सड़कों की गुणवत्ता पर बहस करने के बजाय म्यूज़िक से प्रचार करना गंभीर मुद्दों से ध्यान भटकाने जैसा है।
अखिलेश यादव की यह रील
एक बार फिर दिखाती है कि भारतीय राजनीति में सोशल मीडिया प्रयोग किस कदर नए और अनोखे मोड़ ले रहा है। भले ही मेटलहेड्स इस प्रयोग से हैरान हों लेकिन यह रील अपने उद्देश्य में सफल रही क्योंकि इसने लोगों का ध्यान जरूर खींचा।