Sheikh Hasina News Live Updates:
Bangladesh की बर्खास्त की गई पूर्व pm Shekh Hasina (78) को मानवता के खिलाफ अपराधों में आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई गई है। ICT-BD (इंटरनेशनल क्राइम्स ट्राइब्यूनल बांग्लादेश) ने उन्हें पिछले साल छात्र आंदोलन पर कठोर दमन करवाने का दोषी पाया। सत्ता से हटने के बाद हसीना बांग्लादेश छोड़कर भारत में शरण लिए हुए हैं।

Shekh Hasina को सज़ा – क्या हुआ अदालत में?
सोमवार (17 नवंबर) को ढाका की कड़ी सुरक्षा वाले कोर्टरूम में, विशेष ट्राइब्यूनल ने लंबी सुनवाई के बाद फैसला सुनाया। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष यह साबित करने में सफल रहा कि हसीना ने छात्र-नेतृत्व वाले आंदोलन को रोकने के लिए घातक बल प्रयोग का आदेश दिया था।
ट्राइब्यूनल के अनुसार— छात्रों पर गोलियां चलाने का आदेश भड़काऊ बयान देना और अभियान के संचालन की अनुमति देना इन सबके कारण कई छात्रों की मौत हुई, जिसे “गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन” माना गया।
पूर्व PM की गिरफ्तारी और अपराधों पर अदालत का निर्णय
अदालत की रिपोर्ट के मुताबिक:
कुल 1,400 लोगों की मौत हुई, जिसमें ज्यादातर छात्र शामिल थे। कई मामलों में प्रदर्शनकारियों पर हेलीकॉप्टर से भी हमला किया गया।
सभी गवाहों की गवाही ने इस बात की पुष्टि की कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण था और यातना का स्तर अत्यधिक था।
Shekh Hasina के बेटे ने फैसले को बताया “नाटक”
Shekh Hasina के बेटे sajib Javed ने Times Now से बात करते हुए फैसले को “पूरी तरह फर्जी मुकदमा” बताया। उन्होंने कहा:
मौजूदा अस्थायी सरकार “गैर-कानूनी और गैर-लोकतांत्रिक” है। कानून में संशोधन करके इस केस को तेज़ी से निपटाया गया।
सिर्फ 100 दिनों में ट्रायल खत्म कैसे हो सकता है?
उनका दावा है कि यह फैसला पहले से तय था। अंतरिम प्रमुख मोहम्मद यूनुस का पहला आधिकारिक बयान अस्थायी सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने फैसले के बाद कहा
“अदालत ने आज साबित कर दिया कि कानून के सामने कोई भी बड़ा नहीं। यह फैसला उन हजारों लोगों के लिए आंशिक न्याय है जिन्होंने 2024 के जनविरोध में नुकसान झेला।”
उन्होंने आगे कहा:
Shekh Hasina के आदेशों ने छात्रों और बच्चों पर घातक बल का प्रयोग कराया।
इससे सरकार और जनता के बीच विश्वास का बंधन टूट गया। लोकतांत्रिक संस्थाओं को दुबारा मजबूत करने का समय आ गया है। जिन लोगों ने बदलाव की आवाज उठाई, उनमें से कई ने अपनी जान दी—उन्होंने आज का बलिदान हमारे कल के लिए दिया।
यूनुस ने यह भी कहा:
>न्याय केवल जीवित नहीं रहेगा, बल्कि बांग्लादेश में और मजबूत होकर उभरेगा। आगे का रास्ता – Bangladesh के लिए बड़ी चुनौती विशेषज्ञों के अनुसार, अगला चरण केवल दोषियों को सज़ा देने का नहीं, बल्कि जनता और संस्थाओं के बीच भरोसा वापस लाने का लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को सुधारने का और युवाओं की आवाज का सम्मान करने का होगा।
