केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने एक राजनीतिक रैली के दौरान Congress party पर तीखा हमला बोला और चुनावी इतिहास से जुड़ी तीन घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि Congress ने देश में vote chori की परंपरा शुरू की थी। शाह के इस बयान के बाद सियासी माहौल गरमा गया और Congress नेताओं ने संसद से लेकर सड़क तक कड़ा विरोध दर्ज कराया।

Amit Shah ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र
को कमजोर करने का काम सबसे पहले पंडित Jawaharlal Nehru के दौर में हुआ जब सत्ता बचाने के लिए संस्थानों का उपयोग राजनीतिक हितों के लिए किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि Congress ने उस समय ऐसी परिस्थितियाँ पैदा कीं, जिनसे चुनाव प्रक्रिया पर संदेह गहराया। शाह ने कहा कि लोकतंत्र को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी उन नेताओं की थी जो देश के पहले प्रधानमंत्री पद पर थे लेकिन उन्होंने इस जिम्मेदारी को सही तरीके से नहीं निभाया।
इसके बाद Amit Shah ने वर्ष 1975 की आपातकाल अवधि
का उल्लेख किया और कहा कि Indira Gandhi के शासन में पूरे देश ने लोकतंत्र का घोर दमन देखा। Amit Shah के अनुसार Emergency लगाने का मुख्य उद्देश्य सत्ता बचाना था और उस समय विपक्षी नेताओं को जेल में डाल दिया गया था तथा जनता की आवाज को दबा दिया गया था। उन्होंने कहा कि यह वह दौर था जब लोकतंत्र लगभग समाप्त हो गया था और इसे इतिहास में सबसे बड़ा राजनीतिक अपराध कहा जाना चाहिए।
Amit Shah ने तीसरा आरोप Congress
की पूर्व अध्यक्ष Sonia Gandhi से जोड़ते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में party पर कई चुनावी राज्यों में सरकारी तंत्र का दुरुपयोग करने और वोटों को प्रभावित करने के आरोप लगे। शाह ने कहा कि Congress ने हमेशा सत्ता को ही सर्वोच्च माना और जनता की इच्छा को नजरअंदाज किया। उन्होंने दावा किया कि Congress का इतिहास चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की घटनाओं से भरा रहा है, और अब BJP पारदर्शिता व सुशासन की दिशा में कार्य कर रही है।
जैसे ही अमित शाह का यह बयान सामने आया
Congress ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। Party के वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि Amit Shah इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रहे हैं और जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रहे हैं। Congress ने BJP पर पलटवार करते हुए कहा कि लोकतंत्र को सबसे ज्यादा नुकसान वर्तमान सरकार के कार्यकाल में हुआ है और चुनावी संस्थाओं पर दबाव डालने के आरोप भी लगाए।
इस राजनीतिक बयानबाज़ी के बीच आम जनता
के बीच भी चर्चा का विषय गर्म हो गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि चुनावी साल में इस तरह के आरोप-प्रत्यारोप आम बात है, लेकिन यह मतदाताओं को प्रभावित करने में बड़ी भूमिका निभाते हैं। Amit Shah के बयान से स्पष्ट है कि BJP Congress के इतिहास को मुद्दा बनाकर चुनावी मैदान में उतरना चाहती है जबकि Congress इसे राजनीतिक हमला बताकर अपना पक्ष मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
कुल मिलाकर Amit Shah के vote chori वाले आरोपों ने एक बार फिर भारतीय राजनीति में पुराने विवादों को जीवित कर दिया है, और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और भी तीखी बहस देखने को मिल सकती है।
